नई दिल्ली, 17 जुलाई 2025 : विश्व की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने आज भारत में अपनी आधिकारिक शुरुआत कर दी है। कंपनी ने मुंबई में अपने पहले शोरूम के साथ मॉडल Y लॉन्च किया है, जिसकी कीमत ₹60-68 लाख के बीच रखी गई है। यह लॉन्च भारत की संशोधित इलेक्ट्रिक वाहन नीति के बाद संभव हुआ, जिसमें आयात शुल्क में कटौती की गई थी ताकि वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया जा सके।
टेस्ला की मॉडल Y, जो 500-622 किलोमीटर की रेंज प्रदान करती है, भारतीय बाजार में प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में नई प्रतिस्पर्धा लाने के लिए तैयार है। इस लॉन्च ने सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल उत्साही लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया है। टेस्ला के इस कदम को भारत में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब देश स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि, टेस्ला के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। वैश्विक स्तर पर कंपनी को अमेरिका और यूरोप में बिक्री में कमी का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी में जून 2025 में टेस्ला की बिक्री में 60% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 12% कम हुआ। इसके बावजूद, भारत में टेस्ला की एंट्री को निवेशकों और विश्लेषकों ने सकारात्मक रूप से देखा है। कैथी वुड की ARK ETFs ने हाल ही में $36.5 मिलियन मूल्य के टेस्ला स्टॉक खरीदे, जो कंपनी के भविष्य में विश्वास को दर्शाता है।
टेस्ला ने अपनी कारों में Grok AI को एकीकृत करने की भी शुरुआत की है, जो मॉडल Y और साइबरट्रक जैसे वाहनों में ड्राइविंग अनुभव को और बेहतर बनाएगा। यह तकनीक 12 जुलाई से उपलब्ध है और इसे भारत में भी पेश किया जाएगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला को भारतीय बाजार में स्थानीय प्रतिस्पर्धा और बुनियादी ढांचे की कमी जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की हालिया राजनीतिक गतिविधियों ने भी कंपनी की ब्रांड छवि पर सवाल उठाए हैं, लेकिन भारत में मॉडल Y का लॉन्च इस बात का संकेत है कि कंपनी नए बाजारों में विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। टेस्ला की दूसरी तिमाही की आय रिपोर्ट, जो 24 जुलाई को आने वाली है, से निवेशकों को कंपनी के भविष्य की दिशा के बारे में और जानकारी मिलेगी।