Tesla को 2019 ऑटोपायलट दुर्घटना मामले में $242 मिलियन का भुगतान करने का आदेश

Hindi news graphic with black background displaying Tesla's $242 million autopilot case payment order; features red Tesla logo on left, dollar bill stack icon in center, and businessman in dark suit on right side.

टेस्ला और उसके सीईओ एलन मस्क के लिए अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा से बड़ी कानूनी झटका सामने आया है। की लार्गो में 2019 में हुई घातक कार दुर्घटना के मामले में एक स्थानीय जूरी ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता को 242 मिलियन डॉलर (करीब 2,020 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है। जूरी ने पाया कि टेस्ला की “ऑटोपायलट” ड्राइवर सहायता प्रणाली इस हादसे के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार थी, जिसमें 27 वर्षीया नाइबेल बेनाविदेज़ लियोन की मौत और उनके बॉयफ्रेंड डिलन एंगुलो गंभीर रूप से घायल हुए थे।

अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, जूरी ने 200 मिलियन डॉलर दंडात्मक हर्जाने के तौर पर और 59 मिलियन डॉलर क्षतिपूर्ति लियोन के परिवार को देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही एंगुलो को 70 मिलियन डॉलर देय घोषित किए गए हैं। चूंकि पैनल ने कुल जिम्मेदारी का एक-तिहाई हिस्सा टेस्ला पर डाला, इसलिए कुछ कटौतियों के बाद अंतिम भुगतान 242 मिलियन डॉलर तक सीमित रहेगा। वादी पक्ष के वकील डैरेन जेफ़्री रूसो ने फैसले को “न्याय की जीत” बताते हुए कहा कि जूरी ने सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य सबूतों को ध्यान से परखा और निष्पक्ष परिणाम निकाला।

मामले के अनुसार, 2019 की एक रात ड्राइवर जॉर्ज मैकगी अपनी मॉडल 3 कार में दक्षिण फ्लोरिडा के एक राजमार्ग पर जा रहे थे। कथित तौर पर वे तेज गति से गाड़ी चला रहे थे और फोन ढूँढ़ने के प्रयास में उनका ध्यान सड़क से हट गया। इसी बीच वाहन एक शेवरले SUV से टकरा गया, जिसने लियोन की जान ले ली। घायल एंगुलो और मृतका के परिवार ने कोर्ट में दलील दी कि टेस्ला के मार्केटिंग दावों ने ऑटोपायलट को “सेल्फ-ड्राइविंग” के करीब बताया, जिससे चालक पर निगरानी का बोझ कम हुआ और दुर्घटना का ख़तरा बढ़ गया।

दूसरी ओर, कंपनी के वकीलों ने मुकदमे के दौरान तर्क दिया कि ड्राइवर का पैर लगातार एक्सेलेरेटर पर था, जिसने ऑटोपायलट को ओवरराइड कर दिया। टेस्ला ने कहा कि मैकगी स्पीड लिमिट से ऊपर गाड़ी चला रहे थे और पूरी तरह से सड़क पर ध्यान नहीं दे रहे थे, इसलिए तकनीक को दोष नहीं दिया जा सकता। कंपनी ने लिखित बयान में दावा किया, “2019 में कोई भी वाहन ऐसी टक्कर को रोकने में सक्षम नहीं था; यह दुर्घटना ड्राइवर की लापरवाही का नतीजा थी, न कि ऑटोपायलट का।”

फैसले के तुरंत बाद टेस्ला ने अपील का ऐलान किया। कंपनी का कहना है कि निर्णय न केवल गलत मिसाल पेश करेगा बल्कि वाहन उद्योग में सक्रिय सेफ्टी टेक्नोलॉजी के विकास को भी धीमा कर देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अपील की प्रक्रिया उच्च अदालतों में लंबी चल सकती है, मगर शुरुआती फैसला ऑटोनॉमस-ड्राइविंग समाधानों पर कानूनी जोखिम के स्तर को उजागर करता है।

यह पहला मौक़ा नहीं जब टेस्ला की ऑटोपायलट प्रणाली अदालत के कठघरे में आई हो, लेकिन इतना बड़ा मौद्रिक दंड दुर्लभ माना जा रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, अगर अपील खारिज होती है तो इससे न केवल टेस्ला की वित्तीय books पर असर पड़ेगा, बल्कि दूसरी कार कंपनियों को भी अपने एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के दावों में अधिक पारदर्शिता बरतनी होगी।

फ्लोरिडा में आया यह फैसला ऑटोपायलट से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को वैश्विक स्तर पर नई गति दे सकता है। भारत जैसे उभरते इलेक्ट्रिक वाहन बाज़ार में भी नियामक निकाय और उपभोक्ता संगठनों की निगाहें अब ऑटोनॉमस फीचर्स के प्रमोशन और वास्तविक क्षमताओं के अंतर पर टिकी रहेंगी। उद्योग विशेषज्ञ कहते हैं कि टेस्ला सहित सभी निर्माता कंपनियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि ड्राइवर सहायता तकनीक को ‘फुल सेल्फ-ड्राइविंग’ के रूप में अनौपचारिक रूप से ब्रांड न किया जाए, जब तक कि वह स्तर-5 ऑटोनॉमी की सटीक परिभाषा को पूरी तरह पूरा न कर दे।

फिलहाल, 242 मिलियन डॉलर का यह आदेश पीड़ित परिवारों के लिए राहत तो लाया है, पर टेस्ला के लिए यह एक बड़ी कानूनी और जनसंचार चुनौती बन गया है। एलन मस्क की कंपनी जो लगातार अपने सॉफ्टवेयर-आधारित नवाचारों की वजह से सुर्खियों में रहती है, अब अदालत की निगरानी के साथ-साथ निवेशकों के प्रश्नों का भी सामना करेगी कि क्या ऑटोपायलट का मौजूदा स्वरूप वास्तव में उतना सुरक्षित है जितना विज्ञापित किया गया था। ऑटोनॉमस ड्राइविंग की दौड़ में यह फैसला लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि इसने तकनीक और जिम्मेदारी के बीच संतुलन की रेखा खींच दी है।

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