छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक बेहद चौंकाने वाला हादसा हुआ है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। धसगुड़ (जिसे धसकुंड भी कहा जाता है) जलप्रपात की चोटी पर चढ़ते वक्त एक युवक का पैर फिसल गया, और वह करीब 60 से 65 फीट नीचे पत्थरों पर जा गिरा। ये दर्दनाक घटना किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हादसा कैसे हुआ?
यह घटना कई दिल दहलाने वाली परिस्थितियों के बीच हुई। बताया जा रहा है कि 15-18 साल के निखिल साहू, जो सिरपुर रोड के छेरकापुर गांव के रहने वाले हैं, धसगुड़ जलप्रपात की चोटी पर Instagram के लिए रील वीडियो शूट कर रहे थे। उन्होंने वहां पहुंचकर अपनी हिम्मत दिखाई और वीडियो बनाने की कोशिश की, लेकिन वक्त उनका साथ नहीं दिया। अचानक उनका पैर फिसल गया और वह करीब 65 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़े।
गंभीर चोटें और इलाज
पानी के गिरने वाले इस ढलान पर युवक का गिरना इतना तेज था कि उसके शरीर की चार हड्डियां टूट गईं। सिर और पीठ पर गहरे जख्म भी आए हैं। गंभीर रूप से घायल निखिल को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बताया गया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है, लेकिन अभी भी उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक का गिरने का भयावह दृश्य साफ देखा जा सकता है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर दहशत में हैं। वीडियो में दिखता है कि कैसे निखिल निरपराध तरीके से चोटी पर घूम रहा था और अचानक से पैर फिसलने पर नीचे गिर पड़ा। इसकी वजह से इलाके में एडवेंचर और जोखिम भरे कामों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सुरक्षा इंतजामों का अभाव
मौके पर मौजूद स्थानीय लोग और आसपास के पर्यटक कह रहे हैं कि धसगुड़ जलप्रपात के पास कोई खास सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। बारिश के मौसम में पत्थर बहुत फिसलन वाले हो जाते हैं, जिससे गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा यहां एडवेंचर स्पॉट्स के लिए उचित सुरक्षा प्रबंध किए जाने चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दुबारा न हों।
युवाओं की बढ़ती जोखिम भरी हरकतें
यह हादसा उस चिंता को भी सामने लाता है, जो आजकल युवाओं के सोशल मीडिया वीडियो शूट करते वक्त जोखिम उठाने की वजह से बढ़ रही है। बिना सुरक्षा को महत्व दिए कई युवा ऐसे खतरनाक स्थानों पर जाकर वीडियो बनाते हैं, जो उनकी जान के लिए खतरा बन जाता है। यह घटना इसी तरह की एक चेतावनी है कि एडवेंचर मनोरंजन के नाम पर अपनाई गई सावधानी नहीं रखी गई तो नुकसान हो सकता है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और प्रशासन की भूमिका
स्थानीय लोग इस घटना को प्रशासन की लापरवाही से जोड़कर देख रहे हैं, उनका कहना है कि अगर अच्छी सुरक्षा होती तो युवक को इतनी गंभीर चोटें नहीं आतीं। कई समाचार चैनल्स और ऑनलाइन पोर्टल्स ने इस खबर को प्रमुखता से कवर किया है और प्रशासन से जल्द सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की है।
मॉनसून में जलप्रपात की सैर हो सकती है जोखिम भरी
मॉनसून के दौरान धसगुड़ जलप्रपात का पानी और तेज बहता है, साथ ही आसपास के इलाके भी फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे मौसम में यहां घूमना और चढ़ाई करना काफी जोखिम भरा होता है। इसलिए पर्यटकों को सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।