चीनी शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म Tiktok की भारत में वापसी को लेकर 22 अगस्त 2025 को तेजी से फैली अफवाहों पर भारत सरकार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि टिकटॉक पर लगा प्रतिबंध अभी भी जारी है और इसे हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने इन रिपोर्टों को “झूठी और भ्रामक” करार दिया है.
क्या था पूरा मामला?
बुधवार से सोशल मीडिया पर तेजी से यह खबर फैली कि Tiktok की वेबसाइट पांच साल के प्रतिबंध के बाद भारत में फिर से खुल गई है। कई इंटरनेट यूजर्स ने दावा किया कि वे बिना वीपीएन के Tiktok की आधिकारिक वेबसाइट का होम पेज एक्सेस कर पा रहे हैं. इस खबर से सोशल मीडिया पर उत्साह की लहर दौड़ गई और Tiktok की वापसी की अटकलें तेज हो गईं।
हालांकि, जांच में पाया गया कि यूजर्स केवल Tiktok की वेबसाइट का होम पेज देख पा रहे थे, लेकिन वे न तो लॉग इन कर सकते थे, न वीडियो देख सकते थे और न ही कोई कंटेंट अपलोड कर सकते थे. साथ ही गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर टिकटॉक का मोबाइल ऐप अभी भी उपलब्ध नहीं है।
सरकार का आधिकारिक बयान
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने एएनआई को बताया, “भारत सरकार ने Tiktok को अनब्लॉक करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। ऐसा कोई भी बयान या खबर झूठी और भ्रामक है“. आईटी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टेकक्रंच को भी पुष्टि की कि सरकार ने आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत लगाए गए प्रतिबंध को वापस नहीं लिया है.
दूरसंचार विभाग के सूत्रों ने बताया कि इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां इस वेबसाइट को लगातार ब्लॉक रखे हुए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि कुछ इंटरनेट यूजर्स इसे कैसे एक्सेस कर पा रहे हैं.
Tiktok कंपनी का बयान
Tiktok कंपनी के प्रवक्ता ने टेकक्रंच को एक ईमेल में स्पष्ट किया, “हमने भारत में टिकटॉक की पहुंच बहाल नहीं की है और भारत सरकार के निर्देशों का पालन करना जारी रखते हैं”. कंपनी ने यह भी बताया कि भारत में टिकटॉक को फिर से शुरू नहीं किया गया है और वे भारत सरकार के आदेशों का सम्मान कर रहे हैं।
2020 में लगा था प्रतिबंध – मुख्य कारण
- भारत सरकार ने जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैन्य संघर्ष के बाद टिकटॉक सहित 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था
- राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता की चिंताओं के कारण यह कदम उठाया गया
- सरकार का आरोप था कि ये ऐप्स उपयोगकर्ताओं का संवेदनशील डेटा एकत्रित कर चीन स्थित सर्वरों तक पहुंचा रहे थे
- देश की संप्रभुता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माना गया
- आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत प्रतिबंध लगाया गया
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि भारत में चीनी कंपनी Tiktok की वेबसाइट चलने लगी है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि “चीन के साथ शहादत का सौदा” किया गया है। हालांकि, सरकार के स्पष्टीकरण के बाद यह राजनीतिक आरोप भी निराधार साबित हुआ।
तकनीकी विशेषज्ञों का विश्लेषण
साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना नेटवर्क-लेवल पर हुई किसी तकनीकी त्रुटि का परिणाम हो सकती है। पहले भी सितंबर 2022 में कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों ने सॉफ्टवेयर पैच लगाते समय गलती से टिकटॉक और अन्य प्रतिबंधित साइटों को अनब्लॉक कर दिया था.
वर्तमान स्थिति
अगस्त 2025 की स्थिति के अनुसार:
- टिकटॉक का प्रतिबंध पूरी तरह से जारी है
- मोबाइल ऐप किसी भी इंडियन एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है
- भारत में नए यूजर अकाउंट नहीं बना सकते
- कुछ यूजर्स द्वारा रिपोर्ट की गई वेबसाइट एक्सेस अस्थायी तकनीकी त्रुटि थी
- सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है
Also read: Supreme Court ने आवारा कुत्तों की नीति में किया बड़ा बदलाव: अब नसबंदी के बाद छोड़े जाएंगे सड़कों पर
भविष्य की संभावनाएं
हाल के महीनों में भारत-चीन संबंधों में कुछ सुधार देखा गया है, लेकिन डिजिटल सुरक्षा और डेटा संरक्षण के मामले में सरकार का रुख अभी भी सख्त है. प्रधानमंत्री मोदी के चीन दौरे की योजना के बावजूद, Tiktok जैसे चीनी ऐप्स के प्रतिबंध हटाने को लेकर सरकार की ओर से कोई संकेत नहीं मिले हैं।
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा के बावजूद, टिकटॉक की भारत में वापसी की खबरें पूर्णतः निराधार और भ्रामक हैं। भारत सरकार और टिकटॉक कंपनी दोनों ने स्पष्ट रूप से इन अफवाहों का खंडन किया है। 22 अगस्त को कुछ यूजर्स द्वारा वेबसाइट एक्सेस करने की रिपोर्ट एक तकनीकी त्रुटि थी, न कि नीतिगत बदलाव का संकेत। राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संरक्षण की चिंताओं के कारण लगाया गया 2020 का प्रतिबंध आज भी पूर्ण प्रभाव में है।