छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर एनकाउंटर, नक्सलियों से AK-47 और विस्फोटक बरामद

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सोमवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए। यह ऑपरेशन वर्तमान में जारी है और अभी भी रुक-रुककर फायरिंग की जा रही है।

मुठभेड़ की शुरुआत

सोमवार तड़के छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने गश्त के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ की। सुरक्षा बलों को नक्सली कैडरों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंगल के घने इलाके में गश्त के दौरान नक्सलियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर हमला किया। इसके बाद दोनों तरफ से तीव्र गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में अब तक दो पुरुष नक्सली मारे गए हैं।

बरामदगी की गई सामग्री

मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद किया गया है। इसमें निम्नलिखित वस्तुएं शामिल हैं:

  • एक AK-47 राइफल
  • अन्य आग्नेयास्त्र
  • बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री
  • नक्सली साहित्य
  • प्रचार सामग्री
  • दैनिक उपयोग की वस्तुएं

ऑपरेशन की स्थिति

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक स्थापित नहीं की जा सकी है। दोपहर तक भी क्षेत्र में रुक-रुककर गोलीबारी जारी थी। सुरक्षा बलों का मानना है कि इस क्षेत्र में और भी नक्सली मौजूद हो सकते हैं।

अबूझमाड़ क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है। यह क्षेत्र नक्सली गतिविधियों का केंद्र माना जाता है और यहां घने जंगल के कारण सुरक्षा बलों के लिए ऑपरेशन चलाना चुनौतीपूर्ण होता है।

सुरक्षा व्यवस्था

नारायणपुर जिला प्रशासन ने इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। आसपास के गांवों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी दें।

राज्य में नक्सली गतिविधियां

छत्तीसगढ़ में नक्सली समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने का काम जारी है। पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े ऑपरेशन चलाए गए हैं जिनमें सफलता भी मिली है।

अबूझमाड़ क्षेत्र में यह वर्ष का एक और बड़ा ऑपरेशन है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई सफल अभियान चलाए गए हैं जिनमें नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है।

आगे की रणनीति

सुरक्षा बलों ने बताया कि वे इस ऑपरेशन को तब तक जारी रखेंगे जब तक पूरा क्षेत्र साफ नहीं हो जाता। कमांडिंग अधिकारियों के अनुसार, वे अत्यंत सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि इस क्षेत्र में IED और बूबी ट्रैप का खतरा रहता है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा बलों की प्राथमिकता यह है कि किसी भी तरह की हानि के बिना सफलतापूर्वक ऑपरेशन को पूरा किया जाए।

यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों की निरंतरता को दर्शाती है और दिखाती है कि सुरक्षा बल इन चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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