छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में अनोखा प्रदर्शन, सोशल मीडिया पर छाई तस्वीरेंसालों से टूटी सड़क का इंतजार करते-करते थक गए ग्रामीणों ने इस बार कुछ ऐसा किया है जो पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। गरियाबंद के डुमरबहाल से मानकीगुड़ा तक की सड़क की हालत इतनी खराब है कि गांव के एक युवक ने इसे खेत में तब्दील कर दिया!
क्या है पूरा मामला?
विवेकानंद यादव नाम के इस युवक ने गड्ढों और कीचड़ से भरी सड़क पर धान के पौधे रोप दिए हैं। जी हां, बिल्कुल वैसे ही जैसे खेत में धान की रोपाई होती है। उनका कहना है कि “कम से कम अब जो गिरेगा, वह किसी फसल का हिस्सा बनेगा।”
बारिश के कारण यह सड़क अब दलदल बन गई है। रोजाना कोई न कोई इस सड़क पर फिसलता है, गिरता है और घायल होता है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर बीमार मरीजों तक, सभी को इस खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है।
वायरल हुई तस्वीरें, लोग कर रहे तारीफ
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में विवेकानंद कीचड़ में खड़े नजर आ रहे हैं। उनके पीछे पानी से भरी सड़क में धान के हरे पौधे लहराते दिख रहे हैं। यह नजारा देखकर लोग हैरान भी हैं और इस अनोखे विरोध की तारीफ भी कर रहे हैं।
“नेता वादा करके हो जाते हैं गायब”
गांव वालों का कहना है कि यह सड़क पिछले कई सालों से इसी हालत में है। चुनाव के समय नेता आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद गायब हो जाते हैं।
गांव की महिलाओं का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना रोज एक चुनौती बन गया है। “हर दिन डर लगता है कि कहीं बच्चे गिर न जाएं,” एक महिला ने बताया।
प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता रहता है
स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रशासन से कई बार शिकायत की गई है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
यह अनोखा विरोध प्रदर्शन दिखाता है कि जब सरकारी तंत्र फेल हो जाता है, तो आम लोग कितने रचनात्मक तरीकों से अपनी आवाज उठाते हैं। अब देखना यह है कि क्या इस वायरल प्रदर्शन के बाद सरकार इस सड़क की मरम्मत की दिशा में कोई कदम उठाएगी या नहीं।
यह खबर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से है, जहां एक युवक के अनोखे विरोध प्रदर्शन ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।