“धमतरी: PM आवास न मिलने से हताश युवक का कलेक्टर कार्यालय में आत्मदाह प्रयास, पुलिस ने बचाई जान”

धमतरी, 21 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोमवार की सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जब एक युवक ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। यह घटना जनदर्शन के दौरान घटी, जिससे पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।

घटना का विवरण

ग्राम डोमा निवासी करण सोनवानी नामक युवक ने कलेक्टर कार्यालय में जनदर्शन के दौरान अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। तत्काल मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने युवक को रोकते हुए उसे काबू में किया और तुरंत अस्पताल भिजवाया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक पिछले दो साल से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।

युवक की पीड़ा

करण सोनवानी एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आता है। परिवार की स्थिति इतनी खराब है कि वे अभी भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। युवक का कहना है कि उसके पिता के नाम से पीएम आवास का लाभ मिलना था, लेकिन पंचायत द्वारा नाम को सूची से काट दिया गया।

“मैं दो साल से दौड़ रहा हूं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हमारे पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है,” युवक ने अपनी व्यथा बयान करते हुए कहा।

प्रशासनिक जांच

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की है। कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीएम आवास योजना का लाभ ग्राम सभा की अनुमति के बाद ही दिया जाता है और इस मामले में उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था।

हालांकि, यह घटना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता की कमी को लेकर सवाल खड़े करती है।

सामाजिक चिंता

यह घटना केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को उजागर करती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए सरकारी योजनाएं जीवन रेखा का काम करती हैं, लेकिन जब इनमें देरी या भ्रष्टाचार होता है तो लोग हताशा में ऐसे कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।

वर्तमान स्थिति

युवक को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि युवक के आवास संबंधी आवेदन की समीक्षा की जाएगी और यदि वह पात्र है तो उसे योजना का लाभ दिया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनता तक पहुंचाने की चुनौती को सामने लाती है। प्रशासन को ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशीलता दिखाने और समय पर समाधान उपलब्ध कराने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top